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डॉ शंकर दयाल शर्मा स्वतंत्र भारत के नौंवे राष्ट्रपति थे। वे एक गंभीर, संजीदा और प्रतिबद्ध व्यक्तित्व के इंसान थे और अपने कामों को पूरी लगन एवं समय पर पूरा करते थे। श्रृंगेरी के शंकराचार्य ने उनको “राष्ट्र रत्नम” उपाधि प्रदान की थी| इंटरनेशनल बार असोसिएसन ने कानून की पढाई और उसमें योगदान के लिए उन्हें ‘द लिविंग लीजेंड्स ऑफ़ लॉ' के अवार्ड से सम्मानित किया था।
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टिप्पणियाँ
आर. वेंकटरमण भारतीय गणराज्य के आठवें राष्ट्रपति है। इससे पहले वह उपराष्ट्रपति भी रह चुके है। अपने कार्यों और उत्तरदायित्वों के प्रति बेहद संजीदा रहने वाले वेंकटरमण एक कुशल और परिपक्व राजनेता ही नहीं बल्कि बेहद सुलझे हुए और अच्छे इंसान भी थे। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए इन्हें ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया था। देश के ऐसे सच्चे कर्मठशील सपूत को भारत माता कभी नहीं भूल सकती।
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