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जीवन परिचय

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खगोल सागर



हॉकी यानि ' ध्यानचंद '। हॉकी का नाम सुनते ही जेहन में ध्यानचंद की छवि सहज उभर आती है। फुटबॉल में पेले और क्रिकेट में जो स्थान ब्रेडमेन का है, वहीँ स्थान हॉकी में ध्यानचंद का है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैचों में 400 से अधिक गोल किए है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम लगातार 1928, 1932 और 1936 में ओलिंपिक में गोल्ड मैडल जीतने में कामयाब हुई है। उन्हें 'हॉकी का जादूगर' कहा जाता है। सारा विश्व उनके खेल कौशल का कायल था।

ध्यानचंद 




ओबामा अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति है । वे अमेरिका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति के तौर पर यह उनका दूसरा कार्यकाल है।  एक अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने मुश्किल समय देखा है । वें डेमोक्रेट पार्टी के सदस्य है । ड्रीम्स ऑफ़ माय फादर, अ स्टोरी ऑफ़ रेस एंड इन्हेरिटेंस, और चेंज वी केन बीलिव उनकी लिखी किताबें है। वह विश्व शांति नोबल पुरस्कार से सम्मानित किये गये है। 


बराक ओबामा




स्मिता जयकर टीवी और फिल्मों की जानी-मानी अदाकारा है। उन्होंने अनेकों फिल्मों और धारावाहिकों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है ।


स्मिता जयकर 



मीना कुमारी भारतीय सिने जगत की मशहूर अभिनेत्री थी। उनका जन्म 1 अगस्त 1932 को मुंबई में हुआ था। उनका असल नाम मजहबी बानो था। पिता अली बख्श पारसी रंगमंच के मंझे कलाकार थे वहीँ माँ प्रभादेवी (शादी के बाद इकबाल बानो) भी एक मशहूर नृत्यांगना और अदाकारा थी जिनका ताल्लुक टैगोर परिवार से था।


मीना कुमारी 



फखरुद्दीन अली अहमद एक अनुकरणीय व्यक्तित्व वाले इंसान थे । उनके व्यक्तित्व पर एक संपन्न परिवार से संबंधित होने की झलक साफ दिखाई पड़ती थी । वह हमेशा शोषण के प्रति आवाज उठाने के लिए तत्पर रहते थे । इसी उद्देश्य से उन्होंने मजदूर संघों का भी नेतृत्व किया । वह एक बेहद संयमित और अपने अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर व्यक्ति थे । अहमद अली 1974 से 1977 के दरम्यान भारत के राष्ट्रपति रहे।


फखरुद्दीन अली अहमद 




सूरज शर्मा एक फिल्म कलाकार है । उन्होंने चर्चित फिल्म 'लाइफ़ ऑफ़ पाइ' में पाइ का मुख्य किरदार निभाया है ।


सूरज शर्मा 




धीरूभाई अम्बानी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के संस्थापक है। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ भारत की प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह कंपनी 1969 में स्थापित हुई जो टेक्सटाइल, पॉलीमर, पेट्रोकेमिकल, फायबर और तेल व गैस का उत्पादन करती थी। तब रिलायंस समूह टाटा और बिड़ला के बाद तीसरा सबसे बड़ा समूह था।



धीरूभाई अम्बानी 




एपीजे अब्दुल कलाम भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति है। एक मिसाइल मैन के तौर पर वह बेहतर जाने जाते है । उनका पूरा नाम अवुर पाकीर जैनुलाब्दिन अब्दुल कलाम है। कलाम एक रक्षा वैज्ञानिक है। भारत को मिसाइल की ताकत से नवाजने का पूरा श्रेय उन्हे ही जाता है। पृथ्वी, अग्नि,आकाश, त्रिशूल और नाग मिसाइलें उनकी सफ़लता की कहानी बयां करती है। उनके द्वारा विकसित बैलेस्टिक मिसाइलों ने चीन और पाकिस्तान को भारत की मारक क्षमता की जद में ला दिया। भारत के पोखरण परमाणु परिक्षण कार्यक्रम में उनका अहम योगदान रहा। उन्हें पद्म भूषण और भारत रत्न से नवाजा गया है।



एपीजे अब्दुल कलाम 




डगलस एडम्स ब्रिटेन के प्रसिद्द विज्ञान लेखक है। उनका जन्म 11 मार्च 1952 को कैम्ब्रिज में हुआ था। एडम्स ने 1974 में अंग्रेजी साहित्य में स्नातक किया था। वे अपनी किताब 'द हिचिकर्स गाइड टू ड गैलेक्सी' के लिए दुनिया भर में जाने जाते है। इसके पहले चार संस्करण 1979 में प्रकाशित हुए थे। तीन महीने में ही इनकी 2.5 लाख प्रतियां बिक गई थी।



डगलस एडम्स



वॉन ब्राउन रॉकेट साइंस के पितामह के तौर पर मशहूर है । जर्मन निवासी वॉन एक रॉकेट वैज्ञानिक, एरोस्पेस इंजीनियर और स्पेस आर्किटेक्ट थे । वे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉकेट टेक्नोलॉजी को उन्नत करने के लिए जाने जाते है ।


वॉन ब्राउन




मेरी क्यूरी पोलिश मूल की एक विश्व विख्यात वैज्ञानिक है। उन्होंने बहुत कठिन हालातों से गुजरकर अपना यह मुकाम हासिल किया है। रेडियोधर्मी तत्वों की खोज में उनका अमूल्य योगदान रहा है। मेरी ने अपना सारा जीवन इन खतरनाक तत्वों पर अनुसंधान करने में बिताया। दुर्भाग्य से इन्ही तत्वों से निकली किरणों ने उनकी जान भी ले ली। अपनी अनुसंधान सामग्री से विकिरण निकलने के कारण उन्हें अप्लास्टिक एनीमिया हो गया और उनकी मौत हो गई। तब रेडिएशन के खतरे से हम अनजान थे।


मेरी क्यूरी




राफेल नडाल स्पेन के टेनिस खिलाड़ी है। पूर्व में वो विश्व के नंबर एक खिलाड़ी रह चुके है। उन्हें क्ले कोर्ट का बादशाह माना गया है। 2008 का ओलम्पिक स्वर्ण पदक उनके नाम रहा।


राफेल नडाल




रोजर फेडरर स्विट्ज़रलैंड के मशहूर टेनिस खिलाड़ी है। फेडरर ग्रास कोर्ट के बेताज बादशाह है। उन्होंने अनेकों ग्रैंड स्लैम जीते है।

रोजर फेडरर



पं. सुन्दरलाल शर्मा, नाट्यकला, मूर्तिकला व चित्रकला में पारंगत विद्वान थे।  'प्रहलाद चरित्र', 'करुणा-पचीसी' व 'सतनामी-भजन-माला' जैसे ग्रंथों के वह रचयिता है। इनकी 'छत्तीसगढ़ी-दीन-लीला' छत्तीसगढ़ का प्रथम लोकप्रिय प्रबंध काव्य है। छत्तीसगढ़ की राजनीति व देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में उनका ऐतिहासिक योगदान है।



पी.एन.सी मेनन एक विख्यात उद्यमी है । वे शोभा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के संस्थापक है । उन्होंने 1976 के दौरान ओमान में बिल्डिंग की इंटीरियर डिजाइनिंग करने वाली कंपनी बनाकर कैरियर शुरू किया था । वर्तमान में वें बैंगलोर में निवासरत है ।






सायना नेहवाल भारत की सितारा बैडमिंटन खिलाड़ी है। सायना लंदन ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता है।



सायना नेहवाल 






डेविड बेकहम ब्रिटेन के मशहूर फुटबाल खिलाड़ी है । वह ब्रिटेन के फैशन आइकोंन माने जाते है । उनकी शादी विक्टोरिया के साथ 1999 में हुई। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री है । बेकहम ने जिनेडाइडन जिडान और राउल के साथ 'द गोल' फिल्म में अभिनय किया है । वीडियो गेम 'गो गो बेकहम' बच्चों में बेहद लोकप्रिय है ।


डेविड बेकहम 




योहानस केपलर एक जर्मन मूल के खगोलविद् व गणितज्ञ थे । उन्होंने ग्रहों की गति के तीन महत्वपूर्ण नियमों से परिचित कराया । सौर प्रणाली के कोपर्निकस मॉडल की सामान्य स्वीकृति में मदद की । केपलर को मंगल ग्रह पर ट्यूको ब्राहे का अवलोकन डेटा विरासत मिला था । ब्राहे की मृत्युपरांत गणितीय व्याख्या से पता चला कि मंगल एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा का अनुसरण करता है । इस नए रहस्योद्घाटन ने पुरातन धारणा का खण्डन कर दिया जो मानता था कि समस्त आकाशीय पिंड सटीक वृत्ताकार मार्ग पर गमन करते है । अपने जीवनकाल में केपलर ने विज्ञान कथा उपन्यास सोमनियम (एक स्वप्न) भी लिखा था ।


जोहानस केपलर




डेमोक्रिटस (470-380 ईपू), एक यूनानी दार्शनिक थे। उन्होंने 'परमाणु' की अवधारणा विकसित की थी। जिसका यूनानी में अर्थ 'अविभाज्य' है। डेमोक्रिटस का विश्वास था कि ब्रह्मांड में सब कुछ परमाणुओं से बना है वह सूक्ष्म है और अविनाशी है। डेमोक्रिटस के पास अपने समय की अनेक उल्लेखनीय अंतर्दृष्टि थी। वें समझते थे कि आकाशगंगा सितारों का एक बड़ा संग्रह है और मानते थे कि अंतरिक्ष असीम है।


डेमोक्रिटस





अरस्तू (384-322 ईपू), एक ग्रीक दार्शनिक थे। वें दुनिया के बड़े विचारकों में से एक थे। उनके लेखन के घेरे में विचारों के सभी क्षेत्र शामिल है। अरस्तू का मानना था कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में है और केवल चार तत्वों से बनी है: मिटटी, जल, वायु, और अग्नि। उनके मतानुसार सूरज, चाँद और सितारो जैसे खगोलीय पिंड परिपूर्ण और ईश्वरीय है और सारे पांचवें तत्व से बने है जिसे वें ईथर कहते थे।


अरस्तू





टॉलेमी एक यूनानी खगोलविद और भूगोलवेत्ता थे। उनका मुख्य खगोलीय ग्रंथ, अल्मजीस्ती, समकालीन खगोलीय ज्ञान का एक वृहत संग्रह था जिसमें एक सितारा सूची और हिप्पारकस के कार्य के रेखाचित्र शामिल थे। उन्होने अरस्तू और हिप्पारकस के समक्ष अपने विचार रखे और भूकेन्द्रीय सिद्धांत का गठन किया। इस सिद्धांत में कहा गया कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में है और अन्य सभी आकाशीय पिंड उसकी परिक्रमा करते है। यह मॉडल कोपर्निकस के समय तक चौदह सौ सालों तक मान्य रहा। टॉलेमी भूगोल में अपने किए गए कार्यो के लिए भी प्रसिद्ध है। वह प्रथम व्यक्ति थे जिन्होने धरती के विभिन्न स्थानों की पहचान के लिए अक्षांश और देशांतर रेखाओं का प्रयोग किया था। टॉलेमी कभी-कभी क्लोडिअस के रूप में भी निर्दिष्ट हुए है।



टॉलेमी





गैलिलियो गैलीली एक इतालवी खगोलविद्, भौतिकविद्  और गणितज्ञ थे। गैलिलियो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने खगोलीय प्रेक्षण के लिए दूरबीन का प्रयोग किया था। इस दूरबीन के सहारे उन्होंने चंद्रमा पर क्रेटरों व पहाड़ों को खोजा, साथ ही गैलीलीयाई उपग्रहों के रूप में प्रसिद्द, बृहस्पति के चार उपग्रहों को भी खोज लिया।  उन्होंने शुक्र की कलाओं का अवलोकन किया। सौर धब्बों का अध्ययन कर उन्होंने सूर्य की घूर्णन गति का भी पता लगाया। गैलिलियो ने अरस्तू के वैश्विक मानचित्र को गलत ठहराया। यह तब का व्यापक रूप से प्रचलित और विश्वसनीय मानचित्र था। इसके बजाय उन्होंने कोपर्निकस के 'सूर्य केंद्रीय सिद्धांत' का समर्थन किया | यह समर्थन उन्हें कैथोलिक चर्च के साथ संघर्ष में ले आया | उन पर मुकदमा चलाया गया। उन्होने अपने जीवन के अंतिम आठ साल घर पर नजरबंद होकर बिताये । 


गैलिलियो गैलीली




फ्रांसिस क्रिक को डीएनए की खोज के लिए 1962 में नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया । उनका जन्म 1916 में नोर्थम्पटन, इंग्लेंड में हुआ था । क्रिक और जेम्स डी वाटसन का एक शार्ट पेपर जर्नल नेचर में प्रकाशित हुआ था । उसका शीर्षक था "मोलिक्यूलर स्ट्रक्चर ऑफ़ न्यूक्लिक एसिड : ए स्ट्रक्चर ऑफ़ डीऑक्सीराइबोस न्यूक्लिक एसिड" । इस खोज ने विज्ञान का नजरिया बदल दिया था ।



फ्रांसिस क्रिक